ये शहरे लखनऊ है ,ये शहरे लखनऊ है
हर आँख की तमन्ना हर दिल की आरज़ू है
ये शहरे लखनऊ है --
सुबहें यहाँ सुनहरी,शामें यहाँ सुहानी
दिन इत्र में बसे हैं,रातें हैं जाफरानी
हर-हर गली वफ़ा की कहती हुई कहानी
है जर्रा-जर्रा इसका इक प्यार की निशानी,
शबनम का जैसा लहज़ा पाकीज़ा गुफ्तगू है
ये शहरे लखनऊ है,ये शहरे लखनऊ है
हर आँख की तमन्ना हर दिल की आरज़ू है
ये शहरे लखनऊ---
वो डोलती हवा में उडती हुई पतंगे
रंगीन कागजों की आकाश में ये जंगे
जैसे जवाँ दिलों में अंगड़ाई में उमंगें
कानों में मीठा -मीठा रस घोलती तरंगे
तारों में चाँद है ये फूलोँ में रंगों-बू है |
ये शहरे लखनऊ है ,ये शहरे लखनऊ है |
हर आँख की तमन्ना हर दिल की आरज़ू है |
----------वाली आसी
लखनऊ के दोनों रंगों को प्रसिद्ध गायक रवि नागर ने अपनी दिलकश आवाज़ गाया है |
ReplyDelete''शबनम का जैसा लहज़ा पाकीज़ा गुफ्तगू है
ReplyDeleteये शहरे लखनऊ है,ये शहरे लखनऊ है''